एक दौर था जब कागज के ठोंगे में चार समोसे लेकर पहुंचते थे लोग घर।


एक दौर था जब कागज के ठोंगे में चार समोसे लेकर लोग घर पहुंचते थे। किराना, फल सहित दैनिक जरूरत की चीजें भी ठोंगे में ही घर आती थीं। हाथ में ठोंगा उस समय इस बात का परिचायक होता था कि घर में कुछ आया है। लेकिन पिछले दो दशकों में प्लास्टिक बैग के प्रचलन में आने के बाद ठोंगा गुम होता गया। लुप्तप्राय: हो चुके कागज के ठोंगा को राज्य सरकार के ताजा फैसले ने फिर से सांसे दे दी हैं। प्लास्टिक पर बैन न सिर्फ कागज के बने ठोंगों के लिए संजीवनी साबित हुआ है बल्कि इसका कारोबार करने वालों की भी बांछे खिल गई हैं।
23 दिसंबर यानी रविवार एक ऐतिहासिक दिन है ,जिस दिन से पॉलिथीन कैरी बैग पर प्रतिबंध लागू हो गया है। इससे शहर में प्लास्टिक कचरा कम होगा ।व्यवसायी एवं अन्य लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे ।पॉलिथीन कैरी बैग पर प्रतिबंध लगाया जाने के साथ ही रविवार को इसका बाजार में अच्छा खासा असर भी देखने को मिला।अगर कहीं दिख रही थी उसे हटाते भी देखे गए।एक तरफ जहां नगर परिषद की टीम इसे लागू कराने के लिए पूरी तरह तत्पर दिखी तो वहीं दूसरी तरफ आम लोग भी इसके प्रति जागरूक दिखे। वैसे भी शनिवार को एसडीओ अनीस अख्तर एवं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ अमित कुमार के नेतृत्व में पूरा नगर परिषद
सड़क पर उतर गया था और बाजार में घूम घूम कर प्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध के बारे में लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें नगर परिषद के वार्ड पार्षद भी शामिल रहे। लगातार विभिन्न प्रकार से जागरूकता अभियान चलाया जा रहे हैं और इन सब अभियानों का एक सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। शनिवार को निकाले गए जागरूकता रैली के दौरान शहर की सफाई कार्य की जवाबदेही संभाल रही एनजीओ तरक्की की ओर से शहर में करीब एक हजार कपड़े के थैले का वितरण किया गया। संस्था के सचिव मिनहाजुल एकराम फरोग ने बताया कि हैंडबिल के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है।प्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध लगने के बाद जूट, कपड़ा एवं कागज का थैला बनाने जैसे कुटीर उद्योग को बढ़ावा मिल सकता है।

किया गया है छापेमारी दल का गठन :

पॉलिथीन कैरी बैग पर प्रतिबंध लगने के बाद इसके विकल्प के प्रति भी नगर परिषद प्रशासन सचेत है और लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है। दाउदनगर नगर परिषद क्षेत्र में नगर प्रबंधक मो. शफी अहमद को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। नगर परिषद द्वारा छापेमारी दल का गठन किया गया है ।मिली जानकारी के अनुसार ,शहर में दो छापेमारी जारी किया गया है ,जिसके द्वारा प्लास्टिक से बने थैलों का उपयोग करते पकड़े जानेवालों पर जुर्माना लगाने का अभियान चलाया जा रहा है।टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जिला पदाधिकारी के अध्यक्षता में जिला समीक्षा एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है।

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