दाउदनगर से बाहर रहकर भी कर रहा है यह लड़का शहर का नाम रोशन।

वसीम बरेलवी ने कभी कहा थाजहां रहेगा वहीं रोशनी लुटाएगा, किसी चिराग का अपना मकां नहीं होता। यह बात दाउदनगर निवासी मो. इर्शाद अहमद पर पूरी तरह से चरितार्थ होती है। इर्शाद ने टूर गोल्डेन ट्रीऐंगल का सफर सफलतापूर्वक पूरा कर दाउदनगर शहर एवं जिले का नाम रौशन किया है। दाउदनगर के पुराना शहर निवासी मो. इरशाद पेशे से शॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जो कोलकाता में रहकर आईटी कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी का पदभार देखते हुए कोलकाता की सबसे बड़ी साइकिल क्लबसाइकिल नेटवर्क ग्रोके स्थाई सदस्य हैं।इस बार के टूर में कोलकाता के इस क्लब से 12 सदस्य शामिल हुए थे, जिसमें 10 लोगों ने सफलतापूर्वक पूरा किया।मो.ईरशाद ने बताया कि अल्ट्रा साइक्लिंग पर आधारित यह टूर देश की गिनी चुनी कठिन साइक्लिंग टूर में से एक है। यह साइक्लिंग टूर तीन दिवसीय होता है, जिसमें दिल्ली, आगरा और जयपुर का सफ़र पूरा करना पड़ता है।इस वर्ष की टूर को आयोजन कमिटी द्वारा तीसरा संस्करण बताया गया है। इस तीसरे संस्करण की शुरुवात सात दिसम्बर को हुई जो कि नौ दिसम्बर तक चला। इस बार देश के अलग अलग हिस्सों से कुल 21 साइक्लिस्ट ने इसमें हिस्सा लिया।उन्होंने बताया कि टूर के पहले दिन यानी सात दिसम्बर को प्रातः 4:30 बजे इसकी शुरुआत दिल्ली के ऐतिहासिक इण्डिया गेट से की गई।पहले दिन का गंतव्य स्थान आगरा स्थित ताजमहल था। इस दौरान इर्शाद अहमद ने तक़रीबन 227 किलोमीटर की दूरी 12:30 घण्टों में पूरा किया।टूर के दूसरे दिन की शुरुवात आगरा के ताजमहल के समीप से प्रातः पांच बजे की गई। दूसरे दिन का गंतव्य स्थान जयपुर के अंतर्गत आमेर का क़िला था। तक़रीबन 260 किलोमीटर की दूरी तय करने में 17 घण्टों का समय लगा।मो. अहमद ने बताया कि दूसरे दिन का सफ़र काफ़ी चुनौतीपूर्ण रहा क्यूओंकि उस दिन तीन बार ट्यूब पंक्चर हुआ, जिसके कारण तीन घंटों से भी ज़्यादा समय नष्ट हो गया।देर होने के कारण रात में सफ़र तय करना थोड़ा मुश्किल हुआ, फिर भी उसे सफलता पूर्वक पूरा कर इस टूर में बने रहे।
पंक्चर का मार भी पड़ा झेलना :
टूर के तीसरे दिन की शुरुआत सुबह 8:30 बजे आमरे के ऐतिहासिक क़िला आमेर फ़ोर्ट से हुई। तीसरे दिन का गंतव्य स्थान दिल्ली का इंडिया गेट था।इस दिन कुल मिलाकर 265 किलोमीटर की दूरी 13:30 घण्टों में पूरा कर फ़िनिशर के रूप में पूरे शहर को गौरान्वित किया।उन्होंने बताया कि टूर के तीसरे दिन भी पंक्चर का मार झेलना पड़ा परंतु ज़्यादा समय नष्ट नहीं करना पड़ा।
इस प्रकार तीन दिनों में दिल्लीआगरा, आगराजयपुर एवं जयपुरदिल्ली यानी गोल्डेन ट्रीऐंगल का साइक्लिंग टूर पूरा करने वालों में दाउदनगर का नाम जुड़ना शहर के लिए गर्व की बात है।अगर भारत के मैप में ग़ौर से देखें तो यह रूट एक त्रिभुज का आकार बनाती है, जिसके कारण इस रूट को गोल्डेन ट्रीऐंगल का नाम दिया गया है जो बहुत ही प्रसिद्ध है।तक़रीबन 750 किलोमीटर के इस साइक्लिंग टूर की पूरा करने वाले इर्शाद पेशे से सोफ़्ट्वेर इंजीनियर हैं।

कोलकाता वापस आने पर कोलकाता एयरपोर्ट पर सभी साईकलिस्ट का ज़ोरदार स्वागत किया गया। असोसीएशन ऑफ़ मास्टर मैरिनरस की तरफ़ से कैप्टन पंकज कुमार ने बुके देकर तथा मिठाई खिलाकर स्वागत किया। असोसीएशन के हेड अली एवं सदस्य तारिक खान का कहना है कि समाज में इस प्रकार लोगों का हौंसलाअफ़्जाई करते रहने से खिलाड़ियों में नया जोश उभरता है।

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