10 फरवरी को होगा मास्टर साहब फ़िल्म रिलीज

क्या एक शिक्षक समाज का दर्पण होता है?क्या एक अच्छे राष्ट्र के निर्माण में एक शिक्षक की अहम भूमिका होती है ?अगर हां तो फिर कोई मां बाप अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर एक शिक्षक बनाने की बात क्यों नहीं करते हैं । ये बात बताया गया है 10 फ़रवरी को औरंगाबाद नगर भवन में रिलीज़ हो रहे मास्टर साहब फिल्म में जो ऐसे ही नौजवान की कहानी है ।जो पढ़ लिख कर एक शिक्षक बनकर एक शिक्षक की जिम्मेदारी निभाता है एवं शिक्षक धर्म का पालन करते हुए घर घर में शिक्षा का दिया जलाने का प्रयास करता है।
ओबरा निवासी फ़िल्म एवं टीवी अभिनेता राव रण विजय सिंह अभिनीत शिक्षा पर आधारित फ़िल्म मास्टर साहब 10 फ़रवरी को औरंगाबाद नगर भवन में एक भव्य कार्यक्रम के बीच रिलीज़ किया जाएगा।11 फ़रवरी को दाउदनगर में पत्रकार सम्मान समारोह कार्यक्रम में भी प्रदर्शन किया जाएगा।
यह फ़िल्म श्रीमति देव मुन्नी फिल्मस के बैनर तले बनाया गया है। इस फ़िल्म के निर्माता ओबरा निवासी संजय गुप्ता हैं।निर्देशन अनिल गजराज ने किया है।
इस फ़िल्म में औरंगाबाद एवं दाउदनगर के स्थानीय कलाकार ने भूमिका निभाई है।दाउदनगर के प्रबुद्ध भारती के कलाकार संजय तेजस्वी,संतोष अमन,विकास कुमार,विनोद ,ओबरा निवासी इशानी गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्री राव ने बताया की रिलीज़ के बाद यह फ़िल्म अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल भेजने का प्रयास किया जाएगा।विदित हो की इस फ़िल्म का टेलर दो महीने पहले यू ट्यूब पर आई थी जो लोगो को काफी पसन्द आई थी।

समाज में शिक्षा का अलख जगाने के उद्देश्य से बना है फ़िल्म:
मुख्य भूमिका निभा रहे राव रणविजय सिंह मुंबई रहकर छोटे पर्दे के कई सीरियल में हज़ार से ज्यादा एपिसोड कर चुके हैं। उन्होंने कहा की समाज में शिक्षा का अलख जगाने के उद्देश्य से इस फिल्म का निर्माण किया गया है ।इस फिल्म के माध्यम से गांव में गिरती शिक्षा व्यवस्था और एक शिक्षक की कहानी को फिल्माया गया है। http://youtu.be/4CjK9-pTf9I

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