संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी

जिला अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के संविदा गत नियोजित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रही. सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक सभी संस्थानों में संविदा कर्मियों द्वारा कार्य नहीं किया गया तथा संस्थान स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया गया. इस आशय में जानकारी देते हुए जिला शाखा के सचिव नागेंद्र कुमार केसरी ने बताया कि समान काम समान वेतन, नियमितीकरण सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संगठन द्वारा दिनांक 4.12. 2017 से सामूहिक हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया था. राज्य के सभी जिलों में संविदा कर्मियों का आंदोलन पहले दिन काफी प्रभावी रहा तथा आज दूसरे दिन भी जारी है. श्री केसरी ने बताया कि वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत. नियोजित कर्मी अपनी सेवा दे रहे हैं किंतु सरकार द्वारा किसी प्रकार के मानव संसाधन की नीति नहीं बनाई गई है. बिहार ही नहीं देश के अन्य राज्यों में भी संविदा स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन की राह पर है. स्पष्ट रुप से हमारी मांग है कि हमें सरकारी सेवा में 65 वर्ष आयु सीमा तक के लिए समायोजित किया जाए तथा समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए. स्वास्थ विभाग के उच्च स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा जब तक कि हमारी मांगों के संदर्भ में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, अथवा राज्य स्तरीय संगठन से निर्देश प्राप्त नहीं होता तब तक के लिए हड़ताल जारी रहेगा.

स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल की वजह से होने वाली असुविधा के संदर्भ में जिला शाखा के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार शर्मा द्वारा बताया गया कि प्रारंभ में हड़ताल का असर सीधे तौर पर मरीजों पर नहीं पड़ेगा किंतु हड़ताल का असर व्यापक होगा और संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था ठप पड़ जाएगा.

प्रभावित कार्य

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-जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के माध्यम से होने वाले पत्र व्यवहार, संचिका निष्पादन, रिपोर्टिंग एवं पर्यवेक्षण. – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, गुणवत्ता विकास एवं अन्य तमाम सेवाएं.

– पंजीकरण एवं OPD सेवाएं.

– संस्थान एवं सामुदायिक स्तर पर टीकाकरण कार्य.

– समुदाय एवं संस्थान स्तर से लाभार्थियों को किया जाने वाला फॉलोअप. आशा द्वारा गृह भ्रमण एवं यक्ष्मा के मरीजों को दवाई खिलाया जाना.

– प्रयोगशाला जांच, दवा वितरण एवं रेफरल ट्रांसपोर्ट सेवाएं.

– आयुष चिकित्सकों के माध्यम से संस्थागत एवं समुदाय स्तर पर दी जाने वाली सभी प्रकार की सेवाएं.

– अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र पर दी जाने वाली सेवाएं.

– पुनरीक्षित यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत यक्ष्मा रोगियों की जांच एवं फॉलोअप.

बिहार राज्य संविदा कर्मचारी संघ के प्रवक्ता दीपक कुमार के द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा पर कार्यरत सभी संवर्ग के साथियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है. प्रबंधकीय कर्मियों के अभाव में आगामी दिनों में स्वास्थ्य प्रबंधन प्रभावित होगा साथ ही साथ चिकित्सकीय व्यवस्था भी प्रभावित होगी.

कौन-कौन हैं हड़ताल पर

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_ जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई में कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मी.

_ सभी संस्थानों के अस्पताल प्रबंधक स्वास्थ्य प्रबंधन, लेखापाल, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, परिवार कल्याण परामर्शी एवं अन्य प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत संविदा कर्मी.

_ आयुष चिकित्सक.

_ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत आयुष चिकित्सक, ANM एवं फार्मासिस्ट.

_ पुनरीक्षित यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत प्रयोगशाला प्रावैधिक एस टी एस, STLS, डाटा ऑपरेटर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी.

_ कार्यालय सहायक, डाटा ऑपरेटर आशा, कुरियर, ममता इत्यादि

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मांग:

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1. 7 वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में स्वास्थ्य विभाग के विभागीय आदेश 997 (4) दिनांक 22-8-2017 द्वारा राज्य स्तर से नियुक्त संविदा कर्मियों को दिए गए मान के अनुरूप ही राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति बिहार अंतर्गत कार्य कर रहे समस्त पदाधिकारी कर्मी के वेतन का निर्धारण वित्तीय वर्ष 2017-18 में किया जाए.

2. राज स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति अंतर्गत कार्यरत सभी पदाधिकारी कर्मियों के के लिए मानव संसाधन नीति बनाई जाए.

3. संविदा नवीनीकरण के कोप से मुक्त करते हुए कम से कम 65 वर्ष की उम्र तक कार्य करने की सीमा निर्धारित की जाए.

4. संविदा कर्मियों के आकस्मिक मृत्यु के पश्चात अनुकंपा का लाभ एवं एकमुश्त अनुग्रह राशि का प्रावधान आश्रितों के लिए किया जाए.

5. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति बिहार अंतर्गत सभी पदाधिकारी कर्मी के EPF की कटौती अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित किया जाए.

6. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के गवर्निंग बॉडी में .संघ के पद धारकों को भी सदस्य के रूप में नामित किया जाए.

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ज्ञात हो कि काली पट्टी लगाकर स्वास्थ्य कर्मियों ने सांकेतिक विरोध करते हुए आंदोलन की शुरुआत की थी. विभिन्न चरण में आंदोलन किए गए, लेकिन सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने के कारण संविदाकर्मियों में असंतोष व्याप्त है अंततः हड़ताल करते हुए आंदोलन की राह पर अग्रसर हैं.

उपस्थिति:

डॉ मोहम्मद शमी डॉ प्रदीप कुमार शर्मा, डॉ मनोज कुमार, डॉ जावेद अख्तर, सुशील कुमार, डॉक्टर प्रवीण कुमार, कुणाल किशोर, पीयूष कुमार, रोहित कुमार साही, सुधीर कुमार, मुकेश कुमार, ओम प्रकाश कुमार, हेमंत राजन, कुणाल किशोर एवं अन्य संविदा स्वास्थ्य कर्मी.

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