बिहार की ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु अभाविप ने राज्यपाल से मिल ज्ञापन सौंपा

बिहार की ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, बिहार के पदाधिकारी गण का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को राज्य के महामहीम राज्यपाल महोदय से मिलकर एक  ज्ञापन सौंपा।श्री राज्यपाल महोदय ने शीघ्र ही इन समस्त विषयों पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।

इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री गोपाल शर्मा, वर्तमान में क्षेत्रीय संगठन मंत्री(बिहार एवं झारखण्ड) श्री निखिल रंजन, प्रदेश संगठन मंत्री श्री अनिल कुमार, प्रदेश सह संगठन मंत्री श्री सुग्रीव कुमार, प्रदेश अध्यक्ष प्रा० कुमार मोती,NEC के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रा० नरेंद्र सिंह, पटना वि०वि सिनेट सदस्य श्री पप्पू वर्मा, NEC सदस्य प्रा० उमेश कुमार, भरत सिंह जोशी प्रदेश मंत्री श्री दीपक कुमार एवं सुजीत पासवान आदि प्रमुख पदाधिकारी गण शामिल थें।

अभाविप के प्रदेश मंत्री दीपक कुमार ने कहा कि आज बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से गर्त में जा चुकी है बिहार से शिक्षा प्राप्त कर छात्र-छात्राएं अन्य राज्यों में अवहेलना व उपेक्षा झेलने पर मजबूर हैं ।

शिक्षा जो कि जीवन की एक मूलभूत आवश्यकता है  उसकी स्थिति बिहार में इतनी बदतर हो चुकी है कि बिहार से डिग्री लेने के बाद छात्र छात्राएं जब अन्य राज्यों में रोजगार हेतु जाते हैं तो इनके डिग्रियों पर शक की निगाहों से देखा जाता है एवं अट्टहास किया जाता है अतः विद्यार्थी परिषद ने शिक्षा को मजबूत करने एवं सही शिक्षा के लिए इन मांगों को राज्यपाल के समक्ष रखा।

1.बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए 2.महाविद्यालयों में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाए 3.विश्वविद्यालय में सत्र को नियमित करने के लिए कठोर कदम उठाए जाए 

4. चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम और सेमेस्टर सिस्टम आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास के बिना लागू नहीं किया जाए 

5.विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में व्याप्त वित्तीय अनियमितता की निगरानी विभाग से जांच कराई जाए 

6. वोकेशनल कोर्सेज में एक समान शुल्क संरचना तैयार की जाए 

7.शोध हेतु चयन परीक्षा प्रक्रिया को नियमित किया जाए

8. महाविद्यालय में चल रहे स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम में आर्थिक रुप से कमजोर छात्रों के लिए निशुल्क नामांकन व 25 सीट आरक्षित किया जाए

 9.छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से लिंग दो कमेटी की अनुशंसा के अनुरूप तुरंत कराई जाए। 

10.सभी विश्वविद्यालय में एक समान शैक्षणिक कैलेंडर का प्रकाशन एवं कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

11. प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कॉमन रूम ,आधुनिक सूचना तकनीक ,खेलकूद ,कला ,साहित्य, संगीत जैसे गतिविधियों हेतु  राशि का आवंटन सुनिश्चित किया जाए ।

12.स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रमों में योग शिक्षकों की नियुक्ति एवं बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए 

13.सभी प्रकार के छात्रवृति का नियमित भुगतान किया जाए। 14.साथ ही सभी जिला कार्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को छात्रवृति मद में प्राप्त राशि और उसकी उपयोगिता का सक्षम संस्था से अंकेक्षण करवाई जाए। 15.राज्य सरकार विश्वविद्यालयों का संपूर्ण बजट पारित करें और एकमुश्त राशि आवंटित करें। 16.बिहार की शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने महामहिम से यह मांग किया कि राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए उक्त सभी मांगों पर अपने स्तर से पहल कर क्रिनयन्वित कराणे की कृपा की जाए।

आखिर बिहार में लगातार शैक्षिक माहौल जो बिगड़ रहा है प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर इंटर व मैट्रिक परीक्षाओं में हो रहे प्रत्येक वर्ष धांधली से बिहार के होनहार छात्र भी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। आखिर छात्रों का कसूर क्या है ,क्यों छात्र युवाओं के भविष्य एवं जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है बिहार में और इसका जिम्मेदार कौन है ?

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