इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणामों में हुई धाँधली पर जाप सख़्त


जन अधिकार पार्टी(लो) इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणामों में हुई धांधली की न्‍यायायिक जांच की मांग की। इस मामले में उन्हें एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं है, क्‍योंकि इसमें उन्‍हीं अधिकारियों को रखा जाता है जो दोषियों को बचाने का काम करती है। इसलिए हम मांग करते हैं कि इस प्रकरण की जांच वर्तमान हाई कोर्ट के न्‍यायाधीश से कराई जाए। आज बिहार के बच्‍चों का देश भर के किसी अच्‍छे कॉलेजों में दाखिला नहीं हो पाएगा।

नीतीश कुमार जी, आपके और आपके मंत्री अशोक चौधरी व बोर्ड के अध्‍यक्ष आनंद किशोर के कथनी और करनी में फर्क है। आप कह रहे हैं एक महीने में कॉपी मूल्‍यांकन किया जाएगा। मंत्री और बोर्ड अध्‍यक्ष कह रहे हैं दो दिन में ऑनलाइन आवदेन करें। अब पहले आप स्थिति स्‍पष्‍ट करिए और छात्रों को बिना परेशान किए छात्रों को फिर से उनके जिले में काफी बुलाकार इंटरव्यू करवाइये। हमने कहा कि 3027 कॉलेजों में से 645 कॉलेजों में एक भी बच्‍चा पास नहीं किया। अलग – अलग मार्कशीट दिया गया। बिहार को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ा गया है।

बदनामी से अच्‍छा है कि सभी छात्रों का अनसर शीट नेट पर अपलोड कर दीजिए। इससे पता चल जाएगा कि गलत बच्‍चे हैं या आपका सिस्‍टम गलत है। मंत्री कह रहे हैं कि टाइट और पारदर्शी तरीके से एग्‍जाम लेने के कारण रिजल्‍ट ऐसा आया है। तो क्‍या UPSC, IIT, CBSE का एग्‍जाम टाइट और पारदर्शी तरीके नहीं होता है ? यूपीएससी में आज बिहार के 31 बच्‍चों ने सफलता हासिल किया है। हम पूछना चाहते हैं कि जिस छात्र ने बायोलॉजी का एग्‍जाम दिया, उसको दूसरे विषय में कैसे नंबर दे दिया जाता है।

जिन छात्रों ने आईआईटी जैसे एग्जाम को क्‍वालीफाइ किया है, वैसे छात्रों को भी ऑब्‍जेक्टिव में शून्‍य, एक, दो नंबर कैसे दिया गया है। सिस्‍टम के कारण बच्‍चों को गाली पड़े, ये जन अधिकार पार्टी (लो) बर्दाश्‍त नहीं करेगी। बच्‍चों की जिंदगी को बर्बाद करने या उन्‍हें ट्रेन के आगे कूद कर आत्‍महत्‍या करने के लिए नहीं छोड़ सकता हूं। सिर्फ आपके ईमानदार होने से कुछ नहीं होता है नीतीश जी। आपके आसपास चोर और बेइमान लोग बैठे हैं। आप बिहार को गौरवांवित करना चाहते हैं, मगर बिहार बच्‍चे और युवाओं के दम पर ही गौरवांवित होगा।

दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए हमने कहा कि इंटर के छात्रों की कॉपी मिडिल स्‍कूल के टीचरों से करवाई गई, जिन्‍हें ये भी नहीं पता का वो पढ़ाते क्‍या हैं। इसलिए नीतीश कुमार सबसे5 पहले इसके दोषियों पर कार्रवाई करें। मंत्री मंडल से बर्खास्‍त करें। एक सचिव को हटा देने से काम नहीं चलेगा। ऐसा कर आप फेस सेविंग नहीं कर सकते हैं। क्‍योंकि नीचे से उपर तक हमाम में सब नंगे हैं। हमने क‍हा कि अगर आप शिक्षा व्‍यवस्‍था को दुरूस्‍त करना चाहते हैं तो नीचे से उपर तक सिल्‍ट को हटाइए, फिर गंगा का सिल्‍ट हटाइयेगा।

गणेश कुमार

प्रखण्ड अध्यक्ष दाउदनगर

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