पत्रकार उपेंद्र कश्यप पर किये गये जानलेवा हमले की हर तरफ हो रही है कड़ी निंदा ,हमलावरों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने की उठ रही है मांग

(पत्रकार उपेंद्र कश्यप) 

(पत्रकार उपेंद्र कश्यप) 

भखरुआं मोड़ पर हत्या की रिपोर्टिंग करने पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र कश्यप पर जानलेवा हमले की चारों तरफ निंदा की जा रही है।हमलावारों की पहचान कर गिरफ्तार करने व कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। बिहारराज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के संयुक्त सचिव सत्येंद्र कुमार ने  दैनिक जागरण के संवाददाता उपेंद्र कश्यप पर किये गये जानलेवा हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हमारा संगठन इस हमले को प्रेस की आजादी एवं लोकतंत्र पर किया गया हमला मानता है तथा पुलिस-प्रशासन से यह माँग करता है कि उनपर हमला करनेवाले लम्पट तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाये ।हम समाज के आम नागरिकों एवं न्यायपसन्द लोगों से भी आग्रह करते हैं कि वे भी इस हमले के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलन्द करें ताकि लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ प्रेस-मीडिया की आजादी को सुनिश्चित किया जा सके ।आखिर किसी घटना की रिपोर्टिंग करने गये एक संवाददाता को ही जब इस तरह से हमलों का निशाना बनाया जायेगा तो लोगों को किसी घटना के सम्बन्ध में सच्ची और निष्पक्ष खबरें कैसे प्राप्त होंगी ?हम मानते हैं कि दिन-दहाडे भखरूआ मोड़ जैसे व्यस्ततम चौराहे पर की गई हत्या और उसके पश्चात उक्त घटना को कवर करने गये  संवाददाता पर किया गया हमला समाज में अपराधियों के बढ़े हुए मनोबल को ही दर्शाता है जिसके रोकथाम के लिए पुलिस-प्रशासन को शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी ।यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो आनेवाले दिनो में अपराधियों-लम्पटों के मनोबल और ज्यादा बढेंगे तथा आमलोगों के लिए राह चलना भी मुश्किल हो जायेगा।परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के मीडीया प्रभारी सुनील कुमार बॉबी ने कहा कि मीडिया ही  एक  ऐसा माध्यम है जो सच्चाई को सामने लाता है। फिर भी कुछ लोगों द्वारा  ऐसा काम कर दिया जाता  है जो अशोभनीय है ।  ये हमला बिल्कुल बर्दाश्त नही किया जायेगा , पुलिस और प्रशासन की यह जबावदेही है कि जिले भर के सभी पत्रकारों पर ऐसी घटना दुहराई न जा सके।कांग्रेस मानवाधिकार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डा.संजय कुमार सिंह ने कहा कि

शांति और सौहार्द का मिशाल था दाउदनगर ।यहां  के निवासी गौरवान्वित महसूस करते थे, बड़ा ही फक्र होता था कि हम दाउदनगर जैसे शहर के निवासी हैं।पता नही पिछले कुछ वर्षो से किसकी नजर लग गई कि हम सभी शांति से अशांति के तरफ बढ़ने लगे । आखिर वातावरण में नफरत की चिनगारी किसने घोल दी।पत्रकारों पर हमला अत्यंत दुखद व निंदनीय है।क्या हम इतना कमजोर हो गए हैं या फिर दबंगता दिखाना चाहते हैं, कि विचारो की अभिव्यक्ति से डरते हैं ? कुछ तो है , लेकिन इसे पता लगाएगा कौन ? 

  भाजपा नगर अध्यक्ष शम्भु कुमार, प्रो- अटल बिहारी वाजपेयी, सूरज पांडेय, रामजी मालाकार, सुनील पाठक, दयानंद चौधरी, श्याम पाठक, शिव प्रसाद आदि ने दुःख प्रकट करते हुए  भखरुआं मोड़ पर व्यवसाईयों, मुस्लिमाबाद निवासी नज़रुल हक एवं पत्रकार उपेन्द्र कश्यप पर जानलेवा हमला की कड़ी निंदा की है।नेताओं ने कहा कि पत्रकार का इलाज का खर्च सरकारी देख रेख में करना चाहिए।भखरुआं मोड़ सुरक्षित नही है और कभी भी अप्रिय घटना घटती है तो वहाँ के व्यवसाईयों और नागरिक असुरक्षित महसूस करते है ।इस कारण भखरुआं मोड़ पर प्रशासन को अविलंब पुलिस चौकी खोलना चाहिए। हिन्दी दैनिक “राष्ट्रीय नवीन मेल” के पूव उप संपादक व औरंगाबाद जिला पत्रकार संघ के पूर्व महासचिव अरविन्द अकेला ने दैनिक जागरण के अनुमंडल संबाददाता उपेन्द्र कश्यप पर हुये हमले को पत्रकारिता जगत पर हुआ हमला बताया है श्रीअकेला ने इस घटना की घोर निन्दा करतें हुये कहा है कि प्रशासन को इस घटना का अतिशीध्र संज्ञान लेना चाहिए और हमलावर को अतिशीध्र गिरफ्तार कर जेल भेज देना चाहिए नहीं तो चौथा स्तंभ खतरे में पड़ जायेगा ।भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार तिवारी,भाजपा के दाउदनगर मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव,जदयू नेता विनय उर्फ अभय चंद्रवंशी आदि ने भी श्री कश्यप से मिलकर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और हमलावारों की पहचान कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।

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