वीरता के साक्षात उदाहरण थे परशुराम-अश्वनी 

चाणक्य युवा संघ दाउदनगर द्वारा परशुराम जयंती समारोह का आयोजन मुन्ना दुबे के आवास पर सुनील दुबे की अध्यक्षता किया गया।भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। भाजपा नेता अश्वनी तिवारी ने कहा कि परशुराम ऋषि जमादग्नि तथा रेणुका के पांचवें पुत्र थे. ऋषि जमादग्नि सप्तऋषि में से एक ऋषि थे.भगवान विष्णु के 6वें अवतार के रूप में परशुराम पृथ्वी पर अवतरित हुए.परशुराम वीरता के साक्षात उदाहरण थे.हिन्दू धर्म में परशुराम के बारे में यह मान्यता है कि वे त्रेता युग एवं द्वापर युग से अमर हैं.परशुराम की त्रेता युग दौरान रामायण में तथा द्वापर युग के दौरान महाभारत में अहम भूमिका है. रामायण में सीता के स्वयंवरमें भगवान राम द्वारा शिवजी का पिनाक धनुष तोड़ने पर परशुराम सबसे अधिक क्रोधित हुए।परशुराम के जन्म एवं जन्मस्थान के पीछे कई मान्यताएँ एवं अनसुलझे सवाल है. सभी की अलग अलग राय एवं अलग अलग विश्वास हैं।

भार्गव परशुराम को हाइहाया राज्य, जो कि अब मध्य प्रदेश के महेश्वर नर्मदा नदी के किनारे बसा है, वहाँ का तथा वहीं से परशुराम का जन्म भी माना जाता है.एक और मान्यता के अनुसार रेणुका तीर्थ पर परशुराम के जन्म के पूर्व जमदग्नि एवं उनकी पत्नी रेणुका ने शिवजी की तपस्या की. उनकी तपस्या से प्रसन्न हो कर शिवजी ने वरदान दिया और स्वयं विष्णु ने रेणुका के गर्भ से जमदग्नि के पांचवें पुत्र के रूप में इस धरती पर जन्म लिया. उन्होनें अपने इस पुत्र का नाम “रामभद्र”रखा.परशुराम के अगले जन्म के पीछे बहुत सी दिलचस्प मान्यता है. एसा माना जाता है कि वे भगवान विष्णु के दसवें अवतार में “कल्कि” के रूप में फिर एक बार पृथ्वी पर अवतरित होंगे. हिंदुओं के अनुसार यह भगवान विष्णु का धरती पर अंतिम अवतार होगा. इसी के साथ कलियुग की समाप्ति होगी।इसके पश्चात अरविंद अस्पताल पहुंच कर भर्ती सभी मरीजों के बीच फल का वितरण किया गया।

इस अवसर पर डॉ अरविंद कुमार , प्रबंधक संतोष कुमार , सचिव धीरज कुमार पाठक, छोटू पांडेय, नीरज पाण्डेय, विवेकानंद मिश्रा, गुड्डू पाठक, श्याम पाठक, मुना दुबे, अनुज दुबे, मुकेश मिश्र, सतेंद्र तिवारी, सोनू तिवारी, रवि पाण्डेय, प्रशांत इंद्र गुरु, राकेश पांडेय, धीरज मिश्र, सोनू पांडेय सहित सभी चाणक्य संघ के सदस्य उपस्थित थे।

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