कभी भी दस्तक दे सकता है मस्तिष्क ज्वर

संतोष अमन की रिपोर्ट:-

 रहें सदा सतर्क, सावघान व चौकन्ना क्योंकि लाईलाज, जानलेवा व घातक बीमारी है मस्तिष्क ज्वर।  
आपके समाज, गांव व परिवार में कभी भी दस्तक दे सकता है। इस बीमारी का आगमन हमारे राज्य के कई जिलों में हो चुका है।उपरोक्त बातें पाथ के प्रखंड मोनिटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने   स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र  में मच्छरजनित ए०इ०एस० व जे०ई० विषय पर आयोजित ए०एन०एम० एवं आशा बैठक में कही।

बैठक में श्री सिन्हा ने बताया कि मच्छर जनित ए०इ०एस० व जे०ई० के रोगी की खोज व पहचान करें और उसे यथाशीध्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजें जिससे समय रहते उसकी जान बचायी जा सके।

श्री सिन्हा ने कहा कि एक से पन्द्रह साल के आयुवर्ग के बच्चों में मस्तिष्क ज्वर बीमारी मादा क्युलेक्स नामक मच्छर के काटने से होती है। इस बीमारी में रोगी को तेज बुखार के साथ उल्टी, कँपकँपी, बेह़ोशी होती है। सिर में चक्कर आता हैं, रोगी नींद में बड़बड़ाता है, मुँह से झाग निकलता है, दाँत कटकटाता है, कमजोरी व सुस्ती होता है। ऐसी स्थिति में रोगी को प्राथमिक उपचार के तौर पर ढंडे पानी का पट्टी देना चाहिए। इसके पश्चात रोगी को निकततम सरकारी अस्पताल भेजना चाहिए।

श्री सिन्हा के अनुसार मच्छर जनित बीमारी से बचाव के लिए साफ सफाई पर विशेष घ्यान देना चाहिए।

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