अग्नि पीडितों को एक वर्ष में भी नहीं मिला इन्दिरा आवास

संतोष अमन की रिपोर्ट:

दाउदनगर प्रखंड के तरार टोला हरिनगर में भीषण अगलगी की घटना के एक वर्ष पूरा हो चुके हैं। 22 अप्रैल 2016 को अगलगी की घटना में तीन घर जलकर पूरी तरह राख हो गये थे। एक ही परिवार के तेरह लोगों की मौत हो गयी थी। बृजमोहन राम उर्फ जट्टा राम के अलावे उनकी बहू सबिता देवी, मुन्नी देवी, विवाहित पुत्री श्रद्धा देवी, रीना देवी समेत सात बच्चों व ललन राम की पुत्री की मौत हो गयी थी। रमेश राम समेत कई लोग जख्मी हुये थे। जट्टा राम, ललन राम व बबन राम का घर जलकर राख हो गया था। उस समय इस दिल दहला देने वाली घटना के विभिन्न दलों के नेताओं, वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना प्रदान किया था। तरह-तरह की घोषणाये की गई थी। हालांकि आपदा राहत के तहत मृतक परिवार के आश्रितों को चार लाख रूपये की दर से मुआवजा राशि का चेक प्रदान कर दिया गया था। जख्मियों के ईलाज के लिए बारह हजार रूपये का चेक दिया गया था। वायदे के अनुरूप आज तक इन अग्नि पीडितों को इन्दिरा आवास का लाभ नहीं मिल पाया है। इस टोले में विकास की किरणें नहीं पहुंच सकी है। इतना जरूर हुआ है कि जट्टा राम के घर के पास से अतिक्रमण को उसी समय हटवा दिया गया था।

प्लास्टिक छाकर रह रहा परिवार-

अगलगी की इस घटना में सर्वाधिक क्षति मृतक जट्टा राम के परिवार को हुई थी। घटना के एक साल बाद भी जटटा राम की पत्नी शांति देवी उर्फ बोलंती देवी अपने मिटटी के घर में प्लास्टिक की छावनी डालकर रह रही है। इनके पुत्र उमेश राम की पत्नी व दो बच्चों की भी मौत हुई थी। उमेश राम बताते हैं कि आज भी इन्दिरा आवास का इंतजार कर रहे हैं। अपने भाईयों एवं मां के साथ घर में रह रहे हैं। घटना में गंभीर रूप से जख्मी हुये रमेश राम बिल्कुल बेरोजगार हो गये हैं। इनके ईलाज के लिए मात्र बारह हजार रूपये मिले थे। मुआवजे में मिली राशि से ही इनका ईलाज कराया गया। रमेश राम पर भी पत्नी व बच्चों का बोझ है। मुआवजे की रकम से ही घर की मरम्मती भी कराई गयी है। रमेश राम का कहना है कि उनका दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी नहीं बन रहा है। यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि घटना के एक साल बाद भी अगलगी पीड़ित इन परिवारों को रहने के लिए पक्का छत तक नसीब नहीं हुआ है। खासकर मृतक जटटा राम के परिवार को।

हो चुकी है अनुशंसा-

घटना के तत्काल बाद ही स्पेशल केस में इन अगलगी पीड़ित परिवारों को इन्दिरा आवास उपलब्ध कराने हेतू प्रतिवेदन तैयार कर जिला स्तर पर भेज दिया गया था। जिस पर अभी तक कोई कारवाई की सूचना नहीं है।

-अशोक प्रसाद, बीडीओ, दाउदनगर।

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