भेदभाव के कारण संघ अपनी चमक व शाख खोता जा रहा है:- सुरेंद्र

संतोष अमन की रिपोर्ट:-

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोपगुट के जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने एक प्रेस बयान जारी कर आरोप लगाया है कि इस संघ का संगठन कुछ जातिवादी तत्वों के चंगुल में कथित रूप से फंसकर रह गया है। शेष अन्य लोगों की बातें या तो अनसुनी कर दी जाती है या उन्हें हाशिये पर डाल दिया जाता है। भेदभाव के कारण संघ अपनी पुरानी चमक व साख खोता जा रहा है। बैठक बुलाने से लेकर बैठकों में अपने ही संघ के आमंत्रित करने के मामले में भी भेदभाव बरता जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि संघ का जिला सम्मेलन होने वाला है परन्तु इसकी अधिकारिक सूचना सभी पदधारकों को नहीं है। जिला सम्मेलन कराने का निर्णय किस बैठक में हुआ यह भी पदधारकों को पता नहीं है। जिला उपाध्यक्ष होने के नाते उन्हें भी जानकारी नहीं है। प्रेस बयान में कहा गया है कि औरंगाबाद जिले में गोपगुट का जीर्णोद्धार करने वाले इस संघ के राज्य सचिव सत्येंद्र कुमार को भी जिला कमेटी की बैठकों में नहीं बुलाया जाता क्योंकि वे जातिवादी लाॅबी के मुखर विरोधी हैं। जिला सम्मेलन का निर्णय लेने के पहले जिला कमेटी की विस्तारित बैठक बुलाकर शिक्षकों के बीच सदस्यता अभियान चलाया जाता। प्रखंडों में प्रखंड सम्मेलन के माध्यम से प्रखंड कमेटियों का चुनाव तथा राज्य प्रतिनिधियों का चुनाव कराया जाता। इसके बाद जिला सम्मेलन कराया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा है कि यदि संघ के प्रमुख पदधारकों की कार्यशैली में बदलाव नहीं आया तो एक बार फिर से यह संघ औरंगाबाद जिले में पूर्व की तरह एक हाशिये की ताकत बनकर रह जाएगा।

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