मगध के संसाधनों का मगधवासियों के लिए नहीं हो रहा


10 सूत्री मांगों को लेकर प्रगतिशील मगही समाज के तत्वाधान में अनुमंडल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया। संबोधित करते हुये युगल किशोर ने कहा कि मगध की माटी गरीब नहीं है पर इसके वासी गरीब हैं। मगध की माटी के संसाधनों का मगधवासियों के लिए उपयोग नहीं हो रहा है। अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक गौरीशंकर यादव ने कहा कि मगध और मगधवासियों का शोषण इसलिए हो रहा है कि हमारी मातृ भाषा मगही व इतिहास को हम सबके जीवन से दूर करके हमस ब में हीन भाव भर दिया गया है ताकि हमस ब अपने हक के लिये लड नहीं सकें। धरना के बाद एक ज्ञापन एसडीओ को सौंपा गया जिसमें किसानों को उनके उपजाये सामानों का दाम सारा लागत खर्च जोडकर तय करने, मगध में पाये जाने वाले सभी कच्चे माल को बाहर जाने से रोककर मगध में ही उद्योग खोलकर रोजगार मुहैया कराने, मगही को मगध क्षेत्र केी पढाई लिखाई व कामकाज की भाषा बनाने, कृकष उद्योग आधारित उद्योग खोलने, दाउदनगर अनुमंडल को जिला का दर्जा देने, दाउदनगर में उच्च शिक्षा हेतू मेडिकल व इंजीनियरिंग काॅलेज खोलने, भखरूआं मोड से बुधन बिगहा, तरारी पुराना शहर व सिपहां तक स्ट्रीट लाईट लगाने, भखरूआं मोड व बाजार में सुलभ शौचालय बनवाने , भखरूआं मोड व बाजार में स्टेट बैंक के पास लगने वाले जाम से निजात दिलाने व निजी शिक्षण संस्थानों के मनमाना शुल्क वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है। इस मौके पर संजय कुमार, भवनान राम, संतोष यादव, प्रमोद शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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