शहीद भगत सिंह के विचार आज भी प्रासंगिक 

दाउदनगर अनुमंडल- शहीद ए-आजम भगत सिंह के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनके विचार उस एन्टीवायोटिक दवा के समान है जो सांप्रदायवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, पूंजीवाद, समांतवाद जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए एक बेहतरीन औषधि के रूप में काम कर सकता है। उक्त बातें शहीद ए-आजम भगत सिंह सामाजिक संस्थान के सचिव सत्येंद्र कुमार ने संस्थान द्वारा चलाये जा रहे शहादत पखवारा के तहत शहीद चर्चा के समापन समारोह में कही। पटेल  नगर स्थित बाल विकास विद्यालय में आयोजित सभा में अध्यक्ष कृष्णा प्रसाद चंद्रवंशी ने कहा कि  संगठन द्वारा शहीद भगत सिंह की सभी रचनाओ एवं उनसे संबंधित सभी दस्तावेजो को सरकार द्वारा अपने खर्च पर प्रकाशित कर आम जनता को मुफ्त उपलब्ध कराने, 23 मार्च को शहीद दिवस घोषित करते हुये सरकारी छुटटी घोषित करने, दाउदनगर नासरीगंज के बीच बन रहे सोनपुल का नामकरण शहीद भगत सिंह सेतु करने एवं भखरूआं चैक का नामकरण शहीद जगतपति चैक करने की मांग को लेकर जनता का आवेदन महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री व संबंधित पदाधिकारियों को भेजा जाएगा। पूर्व मुख्य पार्षद धर्मेन्द्र कुमार, शिक्षक उदय कुमार, भाकपा माले के टाउन सचिव बिरजु चैधरी, प्रो0 राजकमल कुमार सिंह, सुरेन्द्र सिंह, रामबच्चन महतो, नंद कुमार सिंह, लालदेव सिंह आदि ने प्रमुख रूप से संबोधित किया।

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