शहीद चर्चा का हुआ आयोजन 

“अगर भगत सिंह के जीवित रहते उनके नेतृत्व में देश को आजादी मिली होती तो शायद आज देश की आज़ादी का जो खण्डित स्वरूप है वह न होता बल्कि देश को एक  मुकम्मल आज़ादी मिली होती ।क्योंकि भगत सिंह ही एकमात्र ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे जिनके पास भावी आजाद हिंदुस्तान का एक स्पष्ट खाका मौजूद था” उक्त बातें शहीद-ए-आज़म भगत सिंह सामाजिक विकास संस्थान के सचिव श्री सत्येन्द्र कुमार ने  कल टोला-ठाकुर बिगहा वार्ड सं०-5, दाऊदनगर में संस्थान द्वारा आयोजित ‘शहीद-चर्चा’ को सम्बोधित करते हुए कही। संस्थान द्वारा घोषित शहादत-पखवारा के तहत आयोजित ‘शहीद-चर्चा’ का यह चौदहवाँ दिन था। इस चर्चा के लिए आयोजित सभा में संस्थान के अध्यक्ष श्री कृष्णा प्र चंद्रवंशी ने शहीद-ए-आज़म की रचनाओं एवं उनसे सम्बन्धित दस्तावेजों को सरकारी ख़र्च पर प्रकाशित कर उन्हे मुफ्त में वितरित करने, शहीद-ए-आज़म के नाम पर स्थानीय दाऊदनगर-नासरीगन्ज पुल का नामकरण ‘शहीद भगत सिंह सेतु’ करने शहीद-ए-आज़म का शहादत दिवस 23 मार्च को ‘शहीद- दिवस’ घोषित करते हुए उस दिन सरकारी छुट्टी घोषित करने तथा स्थानीय भखरूआँ चौक का नाम बदलकर ‘शहीद जगतपति चौक’ करने के लिए एक माँग-प्रस्ताव उपस्थित लोगों के समक्ष रखा जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इनके अलावे सभा को दाऊदनगर के पूर्व चेयरमैन श्री धर्मेन्द्र कुमार, संस्थान के कोषाध्यक्ष श्री संजय कु० सिंह, कार्यकारिणी सदस्य श्री महेन्द्र राम, रामबचन मेहता, भाकपा माले नगर सचिव कॉ बिरजू चौधरी, इत्यादि लोगों ने भी सम्बोधित किया। सभा की  अध्यक्षता स्थानीय सेवानिवृत शिक्षक श्री जगतर सिंह ने किया। उक्त लोगों के अलावे सभा में सर्व श्री अशोक मेहता, अँछा पंचायत के उपसरपंच श्री मोहन चंद्रवंशी, वीरेन्द्र मेहता, दुधेश्वर मेहता, इंदल मेहता, शिव चंद्रवंशी, मोहन यादव, जनेश्वर मेहता, रामवृक्ष मेहता, धर्मेन्द्र मेहता, भूत-पूर्व सैनिक इन्द्रदेव मेहता, अनिल मेहता, अरविन्द मेहता, कृष्णा मेहता इत्यादि लोग भी मौजूद थे। यह सभा दिनांक 6 अप्रैल 2017 को शाम सात बजकर तीस मिनट से शुरू होकर देर रात तक चली। इसके पूर्व सभा की शुरुआत शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजली अर्पित करने के पश्चात उन्हे श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए की गई। सभा में विद्यार्थियों की संख्या भी अच्छी-खासी थी।

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