सभी भक्तों पर भगवान बनाये रखते हैं बराबर कृपा

प्रवचन में उपस्थित श्रद्धालु

संतोष अमन की रिपोर्ट:-

श्रीरामचरितमानस यज्ञ समिति द्वारा सत्संग नगर में आयोजित श्री राम कथा में चित्रकुट से आयीं उषा रामायणी ने कहा कि भगवत कृपा में किसी से भेदभाव नहीं किया जाता। भगवान सभी भक्तों पर बराबर कृपा बनाये रखते हैं। भगवान राम के वनगमन से केवट प्रसंग तक चर्चा करते हुये उन्होंने कहा कि सुमंत जी  जब रथ से भगवान राम को छोड़ने वन गये तो सभी के आंखों में आंसु छलक उठे। यहां तक कि रथ में लगे घोड़े की आंखों में भी आंसू थे। केवट के बिना मांगे खुद भगवान श्रीराम उनके पास गये और उन पर कृपा बनाये रखी। भगवान गरीब-अमीर, शिक्षित-अशिक्षित के साथ सभी जंतुओ पर कृपा बनाये रखते हैं। उन्होंने कहा कि “निर्मल मन जन सो मोही पावा, कपट छल छिद्र न भावा” अर्थात जिसका हृदय साफ है निर्मल है भगवान उसे प्रेम करते हैं। उस पर कृपा बनाये रखते हैं लेकिन जो छल करता है, कपटी है उसे वे नहीं मिलते हैं। सुलेखा रामायणी एवं रम्भा ने भी अपने भजनों के द्वारा लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। रामनवमी तिथि नजदीक होने के कारण पूरा सत्संग नगर श्रद्धालुओं से भरा रहा। हरमोनियम पर साथ देने वाले भगत शर्मा एवं तबलावादक करण शास्त्री की भी भरपूर प्रशंसा की गई।

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