गायत्री प्रज्ञा पीठ के सौजन्य से जलभरी के लिए निकले कलश यात्रा

मंसूर आलम की रिपोर्ट:-

नगर परिषद दाउदनगर के वार्ड नं-21 में स्थित गायत्री प्रज्ञा पीठ  से आज मंगलवार को गाजे-बाजे के साथ गायत्री नवरात्र का कलश यात्रा सह जलभरी के साथ प्रारम्भ हुआ। कलश यात्रा पूरी मुहल्ला होते हुए सूर्य मंदिर के तालाब पर पहुची। वहां से कलश में जल भरा गया। इस बीच गायत्री परिवार से जूड़े श्रद्धालु नर-नारियों ने माथे पर कलश लिए गायत्री माता व अन्य देवों का जयकारा लगाते रहे। महिलायें गीत का गायन करती हुई जलभरी स्थल से रवाना हुई और मेन रोड होते हुए चूड़ीबाजार से घूमते हुए गायत्री प्रज्ञा पीठ पहुंचे।

शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधियों ने मंत्रोचारण के साथ कलश की स्थापना की और पूजन की शुरुवात की गई। पूजन  में अकोड़ा, भखरुआँ मोड़ तथा बाजार समिति से भी नर नारियों ने भाग लिया।

दाउदनगर डॉट इन ने गायत्री माँ से सम्बंधित आयोजकों से बातचीत की तो आयोजकों ने बताया की  अखिल विश्व गायत्री परिवार (AWGP) पण्डित श्रीराम शर्मा अचार्य द्वारा स्थापित हिन्दुत्व सुधार आन्दोलन है। इसकी कार्य प्रणाली और उद्देश्य मुख्य रूप से मानव को सही राह दिखाना है। इसकी स्थापना १९५० के दशक में हुई थी। इस संस्था ने विचार क्रान्ति अभियान, प्रज्ञा अभियान आदि चलाये जिसका उद्देश्य जनमानस में वैचारिक परिवर्तन लाकर समाज का उत्थान करना है। हम बदलेंगे, युग बदलेगा! मनुष्य भटका हुआ देवता है! आदि इनके प्रमुख उद्घोष है। इस संगठन का कार्य गायत्री मंत्र की मूल भावना (प्रज्ञा का परिष्कार) के अनुसार है।

इस आयोजन में शंकर प्रसाद, बाशु किशोर, गौतम, संजीव गुप्ता, राहुल कुमार, मनोज कुमार, बिंदु बहन, लीलावती, शकुन्तला, कमला, किरण एवं अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

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