नगर पंचायत से नगर परिषद के असली हीरो गांधी जी


आज का दिन दाऊदनगर वासियों को एक ऐतिहासिक पल भेंट स्वरूप दे गया जब पटना उच्च न्यायालय का फ़ैसला दाऊदनगर तथा दाऊदनगर-वासियों के पक्ष में आया। सोशल मीडिया पर एक दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला चला। इन्हीं बधाइयों के बीच कई नाम का ज़िक्र हुआ जो अपने प्रयास से हम नगरवासियों को गौरनवित होने का मौक़ा दिया।
चर्चा का विषय इसलिए क्यूँकि अगला चुनाव दाऊदनगर नगर पंचायत के तौर पर नहीं बल्कि नगर परिषद के तौर पर होंगे। यूँ कहें तो हमारे शहर ने अपने पुराने खोए हुए अस्तित्व को वापस पा लिया है। सन 1885 का म्यूनिसिपाल्टी वापस हमें मिल गया है। इस जीत के हीरो रमावतार प्रसाद जो गांधी जी के नाम से भी प्रसिध हैं तथा ओ वार्ड संख्या 17 के पूर्व वार्ड पार्षद भी रह चुके हैं। आज उनसे फ़ोन पर लम्बी बातचित हुई जिसके मुख्य बिंदुओं को आपके सामने पेश कर रहा हूँ


सवाल: मुझे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार आप इसके लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे, परंतु आज इसका श्रेय औरों को भी मिलने की ख़बर आ रही है

जवाब: आख़री बार जब जनगन्ना हुई थी तो उसके मुताबिक़ ही दाऊदनगर नगर परिषद के चुनाव के लिए उपयुक्त था। परंतु  जनगन्ना का रिज़ल्ट सन 2013 में आया और उससे पहले ही यानी सन 2012 में नगर पंचायत का चुनाव हो चुका था। हमने पुराने कमिटी में भी इस बात को रखी तथा वर्तमान के कमिटी के समक्ष भी परंतु किसी ने पहल करने की कोशिश नहीं की। 
सवाल: आपके साथ इस मुहिम में और कौन कौन लोग शामिल हैं?

जवाब: हमें कुछ लोगों का प्रोत्साहन और सहयोग मिला जिसमें मुख्य रूप से रमावतार चौधरी, जगन्नाथ प्रसाद एवं ललन सिंह शामिल हैं। इन सब ने हमें प्रोत्साहित किया जिसका नतीजा आज सभी के सामने है।
सवाल: इस कार्य में तो समय के साथ साथ पैसे भी ख़र्च हुए होंगे? इसमें कितना ख़र्च आया होगा और किसने सहयोग किया?

जवाब: बेशक इसमें समय के साथ साथ पैसे भी ख़र्च हुए हैं। आवागमन के ख़र्च को जोड़कर देखें तो कम से कम 20 हज़ार रुपए ख़र्च हुए। इसमें दाऊदनगर के कुछ लोगों ने सहयोग भी किया है जिसमें मुख्य रूप से वर्तमान चेयरमैन परमानंद जी ने सहयोग किया है।
सवाल: वर्तमान आबादी के हिसाब से क्या वार्ड संख्या में भी बढ़ोतरी होगी?

जवाब: जी बिलकुल, 40 हज़ार की आबादी पर 25 वार्ड तो निश्चित होते हैं उसके अलावा 40 हज़ार के बाद प्रति पाँच हज़ार के हिसाब से एक वार्ड बढ़ता है। मेरे अनुमान से इस बार कम से कम 28 से 30 वार्ड पर चुनाव होगा।
सवाल: दाऊदनगर का नगर परिषद में तब्दील होने से मुख्य रूप से क्या फ़ायदा होगा?

जवाब: नगर परिषद होने से शहर के विकास हेतु अधिक फ़ण्ड आएँगे जिससे विकास को गति मिलेगी। आप औरंगाबाद को ही देख लें, नगर परिषद होने के कारण वहाँ विकास जल्द हुआ।
उन्होंने हमें यह भी बताया कि दाऊदनगर के अलावा और भी कई नगर पंचायत को नगर परिषद का दर्जा मिला है। इसी वर्ष 21 फ़रवरी को एक फ़ैसला आया था जिसमें किसी दूसरे नगर पंचायत को नागर परिषद का दर्जा मिला, उस फ़ैसले से हमारे हौसले को बल मिला। इसका फ़ैसला कल ही आने वाला था परन्तु कल कोर्ट के न्यायधिश महोदय नहीं आ पाए जिसके कारण फ़ैसला आज आया। फ़ैसले की ख़बर पटना उच्च न्यायालय में इस केस को देख रहे अधिवक्ता पाण्डेय जी ने हम तक पहुँचाया।

2 comments on “नगर पंचायत से नगर परिषद के असली हीरो गांधी जी
  1. Gautam kumar says:

    I am very happy that the city of daudnagar became the council

  2. Ranjan Pal says:

    This news is really a boost up dose for all native of Daudnagar. Congratulations to all …….Especially to our Respected chairman Sri Parmanand Paswan.

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