पुराना शहर से बाज़ार की तरफ़ जाना दुर्लभ, कोई पब्लिक वाहन नहीं

दाऊदनगर शहर के ऐतिहासिक पहलूओं में सबसे अहम हिस्सा रखने के साथ साथ घनी आबादी वाला क्षेत्र पुराना शहर बहुत सारी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है चाहे ओ एटीएम की बात हो या छोटेमोटे बाज़ार की बात हो। अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी जीने के लिए पुराना शहर के लोगों को प्रायः बाज़ार का रूख करना पड़ता है चाहे ओ महिला हों या पुरुष। पुरुष एवं स्कूली बच्चे तो मुख्यतः साइकल का उपयोग कर लेते हैं परंतु महिलाएँ एवं वृध को तो पैदल ही चलकर गुज़ारा करना पड़ता है।

दशक बीत गए, परंतु पुराना शहर के इलाक़े में कुछ ख़ास बदलाव नहीं दिखता सिवाए कुछ सड़कें एवं नालियों के। पुराना शहर में सार्वजनिक परिवहन चाहे ओ ऑटो-रिक्शा की शक्ल में हो या टोटो की शक्ल में जल्द से जल्द चालू कराना बेहद ज़रूरी है। गर्मी का समय हो या बरसात का, पैदल चलने के अलावा और कोई विकल्प नहीं।

Leave a Reply