आओ खेलें प्यार की होली-अकेला

   औरंगाबाद की 27 साल पुरानी साहित्य,कला एवं संस्कृति की संवाहक संस्था “साहित्य कुंज द्वारा स्थानीय क्लब रोड स्थित गृहिणी आनन्द मार्ट में बसंत ऋतु के पावन अवसर पर साम्प्रदायिक सदभाव  को समर्पित हास्य व्यंग्य से भरपुर आयोजित कवि सम्मेलन का कुशल संचालन युवा हास्य व्यंग्य के कवि अरविन्द अकेला ने की जबकि अध्यक्षता संस्था के अधयक्ष देववंश सिंह ने की।
      सम्मेलन का आगाज करते हुये कवि अकेला ने कहा कि-“खुन की होली बहुत खेल ली,आओ अब खेलें प्यार की होली”।

      वरिष्ठ कवि अरूण औरंगाबादी ने अपनी रचना”उड़ी एक अफवाह,सुरज की शादी होनेवाली है” सुनाकर लोंगों के मन को गुदगुदाया वहीं युवा शायर दिल औरंगाबादी ने साम्प्रदायिक सदभाव को समर्पित अपनी रचना-

      “आओ खुशी में नाचे गायें,रंगों का त

त्योहार मनायें” सुनायी वही उन्होने अपनी दुसरी रचना-

     “मेरे सपनों की रानी,मेरा दिल भी दिवानी

     मेरी जान तुझपे दिवानी,मेरे सपनों की रानी”सुनाकर अपनी वाहवाही बटोरी वहीं वरिष्ठ कवि जयकृष्ण राही ने अपनी रचना-

  “धरा मुस्कुराई सबेरे सबेरे

    कली खिलखिलाई सबेरे सबेरे

    घुआँ हो गये चांद तारे

    हुयी जब निशा की विदाई              सबेरे सबेरे” सुनाकर सबको हर्षित पुलकित कर दिया ।

      युवा शायर अबु तालिब रजा की दोस्त व.दोस्ती के बदलते हुये रंग व रिश्ते को र्दशाती ये पंक्तियाँ-” अपनाइयत का सारा ही दावा निकल गया,गम आ पड़ा तो दोस्त का चेहरा ही निकल पड़ा” सुनाकर लोगों को सोचने पर मजबूर किया ।

  इनके अलावे युवा कवियित्री नीलम शर्मा की रचना “तु ही दया धर्म की आघार है माता”,अनुज पाठक की रचना “जिन्दगी अनुरागमय हो”,श्रीराम राय की रचना”मौसम मदहोश है”,रामकिशोर सिंह की रचना”होली कनक भवन में”,घर्मवीर भारती की रचना” मछली जल में तैरती,इठलाती,ईतराती है”, अरविन्द अकेला की कविता “तेरे प्यार के गाँव में ” ,दीपक बलजोरी की रचना”जलो दीपक की तरह” एवं अनिल कुमार मिश्र “अनल” की रचना”गुजरा संग तो तेरे, जमाना याद आता है” एवं अवघेश कुमार सिंह “काली किंकर”की रचना भी काफी सराही गयी।

  इसके पहले आयोजित होली मिलन समारोह में सिद्धेश्वर विद्यार्थी,सुरेन्द्र कुमार मिश्र, रामाघार सिंह,उदय कुमार सिंह,अवघेश कुमार सिंह “काली किंकर”,कृष्ण मुरारी पाण्डेय,घर्मवीर भारती एवं अरूण औरंगाबादी सहित दर्जनों लोंगों ने एक दुसरे को अबीर गुलाल लगाकर वातावरण को होलीमय बना दिया।

     अंत में धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ अधिवक्ता उदय कुमार सिंह ने की ।

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