मगही भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

संतोष अमन की रिपोर्ट:

बिहार सरकार द्वारा भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के निर्णय एवं अनुशंसा के फैसले का जदयू के वरिष्ठ नेता प्रमोद सिंह चंद्रवंशी ने प्रशंसा किया है और कहा है कि इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बधाई के पात्र हैं। स्थानीय पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में श्री चंद्रवंशी ने मगही को भी संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग करते हुये कहा कि इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भी लिखा है।

श्री चंद्रवंशी ने कहा कि मगही भाषा व मगध क्षेत्र का ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व है तथा इसका केंद्र गया है। बोधगया में विश्व भर के पर्यटक आते हैं। मगध की धरती बोधगया भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली है। इसकी गरिमा अधिक है। उन्होंने आम लोगों से होली पर्व भाईचारगी, सामाजिक सौहार्द के साथ सामाजिक समरसता कायम रखते हुये मनाने की अपील करते हुये कहा कि होली पावन पर्व है। यह असत्य पर सत्य का और अधर्म पर धर्म के जीत का प्रतीक है। सभी मिलजुलकर शांतिपूर्वक इस पर्व को मनाये। इस मौके पर प्रखंड जदयू अध्यक्ष रामानंद चंद्रवंशी, विनय उर्फ अभय चंद्रवंशी, जैनेन्द्र कुमार, मो. गुडडू, नवलेश यादव, कमलेश चंद्रवंशी, पिंटू कुमार, रौशन सिंह, तालकेश्वर प्रसाद सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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