स्टेशन पर कोच संख्या की जानकारी मिलना दुर्लभ, यात्रि परेशान

औरंगाबाद ज़िला का एक मात्र रेलवे स्टेशन बुनियादी सुविधाओं से वंचित होता जा रहा है, जिसके कारण यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। चाहे वो प्रतीक्षालय हो या प्लैट्फ़ॉर्म पर मिलने वाली बुनियादी सुविधा, हर तरह से पिछड़ा हुआ प्रतीत होता है अनुग्रह नारायण रोड का रेलवे स्टेशन। जो लोग इस स्टेशन से परिचित हैं शायद उन्हें ही प्लैट्फ़ॉर्म संख्या की जानकारी होगी नए लोगों को तो प्लैट्फ़ॉर्म संख्या जानने के लिए भी मशक़्क़त करनी पड़ती है।

कहने को तो यहाँ एक्सप्रेस, सूपरफ़ास्ट तथा मेल ट्रेन भी यहाँ रूकती है मगर कौन सा कोच कहाँ पर लगेगा?, किसी को भी नहीं मालूम। तक़रीबन 20 बोगी की ट्रेन में अपने कोच के स्थान का अनुमान लगाने में यात्रियों को सर्दी में भी पसीने छूट जाते हैं। ऐसा हो भी क्यूँ ना? 2 मिनटों का स्टॉप होता है इसी दौरान अपने कोच को ढूँढते हुए भारी समान को उठाते हुए, महिलाएँ बच्चों को गोद में लिए दौड़ पड़ती हैं। ट्रेन छूट नहीं जाए इसी ख़खन में लोग दौड़ पड़ते हैं तो क्या यहाँ के स्टेशन मास्टर को नहीं दिखता या रेलवे स्टेशन के व्यवस्थापक को नहीं दिखता?

अन्य स्टेशन पर कोच का स्थान प्रदर्शितकरने के लिए एलईडी बोर्ड का इस्तेमाल होता है जिससे यात्री अपने कोच के स्थान पर खड़े रहते हैं और उन्हें किसी प्रकार की भाग दौड़ के चक्कर में नहीं पड़ना पड़ता। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पर विचार करना बेहद ज़रूरी वरना इसी भाग दौड़ के चक्कर में कहीं कुछ अनहोनी भी हो सकती है।

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