शरणागत होने से मिलती है मुक्ति – स्वामी रामप्रपन्नाचार्य

संतोष अमन की रिपोर्ट:

दाउदनगर प्रखंड के अरई गांव में आयोजित मां सती प्राण प्रतिष्ठा सह श्री मदभागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के समापन समारोह में स्वामी रामप्रपन्नाचार्यजी महाराज ने कहा कि शरणागत होने से मुक्ति मिलती है। यह सम्पूर्ण मानव जाति का कल्याण करने का एकमात्र उपाय है, जो प्रपन्न हो जाता है। गीता का उदाहरण देते हुए स्वामीजी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि सम्पूर्ण चीजों को परित्याग कर जो भगवान का हो जाता है उसे कोई कष्ट नही होता। गीता के अठारहवें अध्याय में 66 वाँ श्लोक से उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सदबुद्धि, सदविचार, सदभावना, सदविद्या के साथ मिलकर जो मनुष्य रहता है, उसे किसी भी प्रकार का कोई कठिनाई नही होती है। उनके साथ मंच पर उपस्थित मानस कोकिला सुश्री मीसा भरद्वाज, डॉ रमेशानंद मिश्र, आचार्य पं0 नारायण ब्रह्मचारि, पं0 कृष्णकान्त, गोपाल, बीजेपी के वरिष्ट नेता अश्विनी तिवारी ने मंच का संचालन किया। यज्ञ कमिटी के रामलक्षण शर्मा, अरविंद कुमार कमल, भोला मौआर, उप मुखिया प्रतिनिधि गोविन्द शर्मा, टुन शर्मा, चन्दन कुमार, अवध नारायण मौआर सहित सैकड़ों की संख्या में अरई ग्राम के कार्यकर्ता मौजुद रहें।

आयोजकों ने बताया कि यज्ञ में बीच-बीच में आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भूमि उप समाहर्ता मनोज कुमार, अंचल अधिकारी विनोद सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार तथा इस क्षेत्र के सभी गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित  हुए थे।

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