ए.ई.एस.व जे.ई. रोगी की पहचान करें ऐ.एन.एम और आशा

दाउदनगर, 21 फरवरी,

आशा व ए.एन.एम.अपने अपने क्षेत्र से ए.ई.एस. व जे.ई. के संभावित रोगी की पहचान कर अतिशीध्र अपने प्र।थमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भेजे, जिससे समय पर उसकी जान बचायी जा सके ।लेकिन इसके पहले उसे टंढी पानी की पट्टी दे,जिससे उसका बुखार कम हो सके ।

         उपरोक्त बातें अंर्तराष्टीय गैर सरकारी संगठन पाथ के प्रखंड मोनिटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने दाउदनगर के प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र में आयोजित ए.एन.एम. व आशा बैठक में कही ।

        बैठक में श्रीसिन्हा ने बताया कि ए.ई.एस.वीमारियों का एक समूह है,जिनमें 120 तरह की बीमारी होती है जैसे-मलेरिया,डेंगु,चिकनगुनिया व मसतिष्क ज्वर आदि । मसतिष्क ज्वर को दिमागी बुखार भी कहते हैं जो 

क्यूलेक्स नामक मादा मच्छर के काटने से होती है । यह लाईलाज व जानलेवा वीमारी है जो एक से पन्द्रह साल केबच्चों को होती है ।

   श्रीसिन्हा ने कहा कि उपरोक्त  वीमारी के रोकथाम के लिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक होना ,अपने अपने घरों व उसके आसपास नियमित साफ सफाई करना आवश्यक है ।रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना जरूरी है ।
        बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाघिकारी डा.मनोज कौशिक ,स्वास्थ्य प्रबंघक चंदन कुमार एवं बीसीएम आशा शशिकांत कुमार सहित सौ से ज्यादा ए.ऐन.एम व आशा मौजूद थे ।

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