सात फरवरी को होमियोपैथिक चिकित्सा शिविर

वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित होमियोपैथिक की चिकित्सा जगत में एक क्रान्तिकारी परिवर्तन हुआ है। परिवर्तन उन रोगियों के लिए जो दवा खा-खाकर अपने दैनिक जीवन से तंग आ चुके हैं। वैज्ञानिक शोध से यह पूरी तरह से प्रमाणित हो चुकी है कि असाध्य रोगों (लाईलाज बीमारी) का सफलतापूर्वक इलाज होमियोपैथिक में ही है। जन साधारण के स्वास्थ्य को सबल करके ही उनके जीवन स्तर को उठाया जा सकता है और रोगों से बचाव किया जा सकता है। उक्त बातें चिकित्सक डॉ मनोज कुमार ने कही। बताया कि अधिकांश लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं, परंतु गरीबी एवं साधन सुलभ नहीं रहने के कारण अपना इलाज नहीं करा पाते हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क होमियोपैथिक चिकित्सालय की शुरूआत की जा रही है। समाज के ऐसे वर्गो के लिए एक छोटा सा प्रयास, जिसके तहत रोगियों को मुफ्त में इलाज कर एक सबल सशक्त एवं स्वस्थ समाज के सपने को साकार करने की कोशिश की जा रही है। नि:शुल्क होमियोपैथिक चिकित्सा शिविर आगामी 7 फरवरी को प्रात: 11 बजे से शाम 5 बजे तक होनी है। इसक लिए पंजीकरण शुल्क 20 रूपये रखी गई है।

2 comments on “सात फरवरी को होमियोपैथिक चिकित्सा शिविर
  1. Rahul Raj says:

    Wow…. daudnagar me koi phla Aisa waykti h Jo free me ilaj krne Ko tyar h….Naman krte h hm aise logo Ko……dhanayvaad

  2. Harshit Pallav says:

    Fabulous

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