मानव शृंखला के नाम पर सरकारी तंत्रों का दुरुपयोग- गणेश कुमार, प्रखंड अध्यक्ष:जाप


सरकारी सिस्‍टम का दुरुपयोग कर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का मानव श्रृंखला के नाम पर चेहरा चमकाने का अभियान कलंकित हो गया। इस अभियान ने जन्‍हादा एक स्‍कूली छात्रा की बलि भी ले ली। कई जगहों पर श्रृंखला में शामिल छात्राओं और महिलाओं के बेहोश होने की खबर भी आ रही है। शराबबंदी के हम भी पक्षधर रहे हैं, लेकिन शराबबंदी के नाम पर संसाधनों का दुरुपयोग और दहशतगर्दी के हम खिलाफ रहे हैं। आज के अभियान को जनता का भी समर्थन नहीं मिला। सरकारी योजनाओं से लाभान्वित संस्‍थानों, स्‍कूलों, कॉलेजों के विद्यार्थी- शिक्षक के अलावा सत्‍तारूढ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का अभियान बनकर रह गयी मानव श्रृंखला। इसकी आड़ में नीतीश कुमार अपनी छवि निखारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वास्‍तविकता यह है कि नीतीश अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए मानव श्रृंखला को एक ढाल के रूप में इस्‍तेमाल कर रहे हैं। 

सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण पटना में मकरसंक्रांति के दिन दो दर्जन व्‍यक्तियों ने जलसमाधि ले ली। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान बदहाल हो गए हैं। शिक्षा व्‍यवस्‍था चौपट हो गयी है। अर्थव्‍यवस्‍था बदतर होती जा रही है। नीतीश कुमार इनमें सुधार के बजाये विश्‍व रिकार्ड का शिगूफा छोड़ रहे हैं। नीतीश कुमार जी, वास्‍तविक धरातल पर आइए, जनता की जरूरत को समझिए और उनका समाधान कीजिए। अन्‍यथा इतिहास आपको माफ नहीं करेगा।

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