जनता की आवाज़ : दौरा रद्द होने से मन में हुए कई सवाल, पुन: सीएम यात्रा का इंतजार

 संजय गुप्ता

संजय गुप्ता

निश्चय यात्रा के तहत माननीय मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को औरंगाबाद जिले में 20 दिसंबर को आना तय था। दाउदनगर के लोग बहुत दिनों से उनके स्वागत के लिए दिन-रात एक किये हुए थे। प्रशासनिक व्यवस्था भी कर ली गई थी तथा साथ ही दाउदनगर को चुस्त-दुरूस्त करने में लगे हुए थे। शहर को सुन्दर बनाने के लिए हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, दाउदनगर थाना प्रभारी और वी.सी.एस.आर.एम. के सदस्यों कई दिनों से ही लगे हुए थें। इस निश्चय यात्रा के तहत मुख्यमंत्री के आगमन से दाउदनगर शहर के निवासियों के लिए इतिहास गवाह बनता, जबकि कार्यक्रम को अचानक टाल दिया गया। कार्यक्रम टलने से मन में कई तरह के सवाल हुए। ये क्या हुआ? क्यों हुआ? किसलिए हुआ? क्या यह होना जरूरी था? क्या कोई बहुत बड़ी आपदा आ गई थी, जिससे कार्यक्रम को टालना पड़ा? क्या ये सही हुआ?

दाउदनगर क्षेत्र  के लोग 21 तारिख के दिन का बेसब्री से इन्तजार कर रहे थे। कुछ समस्यायें, कुछ उद्घाटन, कुछ घोषणाएं और कुछ अनमोल तोहफा नीतिश कुमार के तरफ से इस दाउदनगर शहर को मिलने की आशा थी। लेकिन सारी आशाएं, सबलोगों की अपेक्षाएं, इतिहास बनने के अनमोल सुनहरे धरे के धरे रह गए। उत्साह की आग पर एकाएक ठंडा पानी गिर गया। इस निश्चय यात्रा के कारण यहाँ के लोग तन-मन और बहुत सारे धन से इस दाउदनगर शहर का कायाकल्प कर रहे थे, जो सब बेमतलब हो गया।

दुखद सामाचार है कि औरंगाबाद के पूर्व सांसद नीखिल कुमार की माँ का पटना के पारस हॉस्पीटल में निधन हो गया। खबर सुनकर दु:ख महसुस किया, परंतु लोग किस पर दु:ख व अफसोस को जाहिर करेंगे? निधन पर या निश्चय यात्रा को टलने पर? क्या पुन: इधर का प्रोग्राम तय होगा? यदि हाँ, तो क्या लोगों में उस समय यही उत्साह दिखने को मिलेगा?

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