माँ का प्रथम दूध से बढ़ती है बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता : अरविन्द

संतोष अमन की रिपोर्ट:

माँ का पहला गाढ़ा पिला खीर सा दूध नवजात बच्चों के लिए एक प्रथम टीका है, प्रथम आहार है जो अमृत के सामान है। माँ के प्रथम दूध पीने से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा बच्चों में समुचित, शारीरिक व मानसिक विकास होता है।

उपरोक्त बातें अन्तर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन पाथ के प्रखंड मॉनीटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, गोह में आयोजित आशा एवं ए.एन.एम. बैठक में टीकारकरण एवं जे.ई. का महत्व समझाते हुए कही।

बैठक में श्री सिन्हा ने बताया कि पिछले तीन साल पूर्व सार्वभौमिक टीकाकरण में जे.ई. अर्थात जैपनीज एन्सेफलाईटिस को शामिल किया गया था, जो बच्चों को मस्तिष्क ज्वर से बचाता है। ये एक लाईलाज जानलेवा व धातक बीमारी है जो क्युलेक्स नामक मादा मच्छर के काटने से होती है। जानकारी ही इस बीमारी का बचाव है। श्री सिन्हा ने बताया कि तेज बुखार, उल्टी, कपकपी, बेहोशी होना, नींद में बड़बड़ाना, मुँह से झाग आना, दाँत पर दाँत लगना, कमजोरी व सुस्ती आना इस बीमारी के लक्षण है। इस अवस्था में रोगी को सीधे निकटतम सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए। किसी ओझा, मौलवी, पंडित, मौलवी के पास जाने के बजाय प्राथमिक उपचार के तौर पर रोगी को ठंडे पानी की पट्टी देनी चाहिए। इससे बचाव के लिए लोगों को स्वच्छता व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देनी चाहिए। एवं रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।

इस बैठक में केयर के प्रखंड प्रबंधक रणजीत कुमार ने नवजात शिशु, कमजोर शिशु व सुरक्षित मातृत्व के बारे में बताया।

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