पेटीएम के लाखों ग्राहकों की गोपनीयता खतरे में-सावधानी बरतने की ज़रूरत

 

Paytm Customer’s data is on high risk

पेटीएम भारत का एक विश्वसनीय डिजिटल वॉलेट के साथ साथ मोबाइल पेमेंट गेटवे है जिसने पिछले कुछ वर्षों में सबसे ज्यादा ग्राहक को जोड़ने का प्रयास किया है। भारतीय आबादी में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले उपभुक्ताओं में पेटीएम सबसे ज्यादा प्रचलित है जिसका इस्तेमाल लगातार दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। पेटीएम वेब एप्प के द्वारा भी कैशलेस ट्रांजेक्शन संभव है जिसके इस्तेमाल से विभिन्न इ-कॉमर्स पोर्टल से खरीदारी की जाती है।
8 नवम्बर को भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा नोटबंदी के ऐलान के बाद पेटीएम जैसी कंपनियों के व्यापार में जबरदस्त उछाल आया है जिसमे पेटीएम के अलावा मोबिक्विक, फ्री-चार्ज, जियो मनी इत्यादि को काफी फायदा होता हुआ दिख रहा है। बैंक और बाजार में नगदी रुपयों की कमी के कारण ग्राहकों को नगद-रहित लेनदेन करना उनके जीवन का एक मुख्य हिसा बनता जा रहा है। नगद-रहित लेनदेन को टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से आई टी कंपनियाँ आसान बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं जिसका नतीजा हमें दाउदनगर जैसे छोटे शहरों में भी देखने को मिल रहा है। बड़े शहरों में रिक्शा चालक, ऑटो, टैक्सी, हॉकर से लेकर शॉपिंग मॉल इत्यादि में डिजिटल वॉलेट का प्रचलन पिछले वर्षों से ही है, मगर नोटबंदी के कारण इसका विस्तार अब छोटे शहरोँ में भी होने लगा है। दाउदनगर में भी अब पेटीएम के इस्तेमाल की शुरुवात हो चुकी है और कई दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए इस सुविधा को लागू करने की पहल की है।

अगर आप पेटीएम का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो अपना प्रोफाइल नेम अवश्य अपडेट करें।

इन के बावजूद पेटीएम में ग्राहकों की प्राइवेसी का एक बड़ा खतरा है है जिसपर पेटीएम को तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है। पेटीएम में अगर किसी ग्राहक ने अपना प्रोफाइल नेम नहीं डाल रखा है तो प्रत्येक ट्रांजेक्शन के साथ उसका निजी मोबाइल नंबर चला जाता है जो बहुत ही चिंता का विषय है। उदाहरण स्वरूप अगर कोई लड़की पेटीएम के द्वारा किसी हॉकर को पेमेंट करती है और अगर उसने प्रोफाइल नेम नहीं डाल रखा हो तो पेमेंट के साथ उसका निजी मोबाइल नंबर हॉकर के पास चला जायेगा जिसका संभवतः गलत इस्तेमाल हो सकता है। हैरानी इस बात पर है कि अबतक पेटीएम के द्वारा ग्राहकों के निजी जानकारी की सुरक्षा पर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? ग्राहकों का पूरा मोबाइल नंबर दिखने की ज़रूरत ही क्यों है?

ग्राहकों को भी इस तरह की बातों से सावधान रहने की आवश्यक्ता है, साथ ही साथ नगद-रहित लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार या प्रशाषन द्वारा शिविर लगाने की आवश्यक्ता है जिसमे आई टी और बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों को जोड़कर लोगों को मदद की मदद करने की आवश्यक्ता है।

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