‘सतीश आनंद-भीष्म पितामह ऑफ़ बिहार थिएटर’ का प्रोमो रिलीज

आज दिनांक 27 नवम्बर 2016 को धर्मवीर फिल्म एंड टीवी प्रोडक्शन के बैनर तले थिएटर के क्षेत्र में बिहार के भीष्म पितामह कहे जाने वाले श्री सतीश आनंद पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रोमो रिलीज़ किया गया है। प्रोडक्शन के निर्देशक धर्मवीर भारती ने प्रोमो रिलीज़ की अधिकारिक पुष्टि की है। श्री भारती ने अपने जन्म दिन को अपने गुरु को समर्पित करते हुए आज उन्होंने प्रोमो रिलीज़ की है। श्री सतीश आनंद के जीवन पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री का नाम ‘सतीश आनंद : भीष्म पितामह Of Bihar Thetar‘ दिया गया है। उन्हें ये चार पंक्तियां समर्पित करते हुए पूरी फिल्म के रिलीज की तैयारी शुरू:

जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा,

जो चल रहा है उसके पाँव में ज़रूर छाला होगा,

बिना संघर्ष के चमक नहीं मिलती,

जो जल रहा है तिल-तिल, उसी दीए में उजाला होगा…



नाटक के विदेशिया शैली के जनक वरिष्ठ रंगकर्मी, डायरेक्टर, लेखक, अकादमी पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड बिहार सरकार द्वारा सम्मानित, बिहार थियेटर के भीष्म पितामह, श्री सतीश आनंद जी के जीवन पर। श्री आनंद का कलाकार जीवन चरितार्थ करता है  कला क्षेत्र में चर्चित महत्वपूर्ण पंक्ति Show must go on.

कुछ और जानकारी श्री सतीश आनंद के बारे में:

आधुनिक थिएटर के वरिष्ठ कलाकार, डायरेक्टर, ऐक्टर, लेखक, स्क्रीनप्ले राइटर, डिज़ाइनर, शिक्षक एवम सलाहकार (थिएटर एवम टीवी) जैसी बहुमुखी प्रतिभा से भरपूर श्री आनंद सन् 1962 से इस क्षेत्र में एक्टिव हैं। उन्होंने कई सारी प्रतिष्ठित पदों पर अपना योगदान थिएटर जगत को संवारा है। बिहार संगीत नाटक अकादमी, पटना के उपाध्यक्ष, श्री राम सेंटर ऑफ़ परफार्मिंग आर्ट्स, दिल्ली के निदेशक के तौर पर काम करते हुए 50 वर्षों से भी ज्यादा समय से थिअटर जगत की सेवा की है। संगीत नाटक अकादमी, दिल्ली के सलाहकार सदस्य, साहित्य कला परिषद्, दिल्ली के सदस्य, प्रसार भारती सालाना अवार्ड कमिटी के जूरी सदस्य के साथ साथ कला संगम, पटना के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। वर्तमान समय में एशियन अकादमी ऑफ़ फिल्म, नोएडा में डीन के पद पर कार्यरत हैं।

किस सारे राष्ट्रीय और राजकीय अवार्ड से सम्मानित श्री आनंद के पूर्वज 1947 के विभाजन के समय पंजाब से पटना में आकर बस गये। 40 साल बिहार में अनवरत नाट्य कला की सेवा करने के बाद बिहार में आधुनिक नाटक के जनक ने दिल्ली पलायन का निर्णय लिया और हमेशा के लिए बिहार छोड़ कर चले गए। बिहार से इनका पलायन हमेशा के लिए बिहार की कला व्यवस्था पर प्रश्न छोड़ गया।

धर्मवीर फ़िल्म एंड टीवी प्रोडक्शन के बैनर तले निर्माणाधीन फ़िल्म, हेरिटेज ऑफ़ मगध डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का सिक़वेन्स है। श्री आनंद के जीवन से सम्बंधित पूरी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म 2017 के मध्य में रिलीज़ होगी। इस फ़िल्म के सिनेमेटोग्राफर – रणवीर कुमार, एसोसियेट डायरेक्टर श्रीमती डॉली और डायरेक्टर – धर्मवीर भारती हैं।

इस डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के मार्गदर्शक नाटक समीक्षक श्री जयदेव तनेजा, नाटक लेखक  श्री प्रताप सहगल, वरिष्ठ रंगकर्मी श्री अखिलेश खन्ना, श्री सुमन कुमार, श्री अशोक पाण्डेय, श्री नीलेश मिश्रा, श्री आशीष मिश्रा, श्रीमती पूजा वर्मा, श्री कन्हैया प्रसाद व श्री आफ़ताब राणा हैं।

One comment on “‘सतीश आनंद-भीष्म पितामह ऑफ़ बिहार थिएटर’ का प्रोमो रिलीज
  1. Sanjay Bhatnagar says:

    Bihar is obsesses by themself. They can never except any one coming from other place… even if the person give his/life time efort to bihar. And the same is shown here. A documentary on a living legend has nothing from the legend himself… only bihari representatives speaking about him. This is a biopic of a living legend ans not a obitury video that some one has to come and give testimonials… that too only biharis… hahaha.

    Very bad visualization, i would have wished to see him talk about his work… his life… chalanges… his vision… his theater… there was so much that was posible… eventually it ended up being a video of a handfull group of biharis finding an opertunity to be in a 3 minute of lime ligtlht in the name of a legend Satish ji-Bhishm Pitamah indeed… and the kauravas who made this video… are still seems to be the self obsessed utilitarians…

    Sanjay Bhatnagar , Bangalore

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