2000 के नोट में चिप नहीं, पीएम के भाषण का प्ले होना एक अलग टेक्नोलॉजी

टेक्नोलॉजी:

अभी कुछ दिनों से एक जोरदार अफवाह सोशल मीडिया पे फैलते हुए दिखाई दे रहा है कि 2000 रूपये के नोट में चिप लगा हुआ है। अपने तथ्य को साबित करने के लिए “मोदी किनोटे” एप्प का हवाला देते हैं। अगर उस एप्प से 2000 रूपये के नोट को स्कैन करते हैं तो नोटबंदी पर पीएम के द्वारा दिया गया भाषण प्ले होना शुरू होता है। यह बहुत ही साधारण टेक्नोलॉजी है जिसकी शुरुआत कई वर्ष पहले हो चुकी है। इसी टेक्नोलॉजी का एक रूप क्यू आर कोड स्कैनर है। फर्क यह है कि क्यू आर कोड एक मानक पद्यति है जिसके कारण उसमे कुछ सीमाएं हैं। आप अगर अपने आधार कार्ड को देखेंगे तो एक काले रंग का बॉक्स दिखाई देगा, वही क्यू आर कोड है। उसको रीड करने के लिए एक QR Code Scanner इनस्टॉल कीजिये फिर उस कोड में छपी अदृश्य जकनकारी को पढ़ सकते हैं।

मोदी कीनोट भी उसी प्रकार की टेक्नोलॉजी पर आधारित है जो पिक्सेल मैच करता है और मैचिंग पिक्सेल के आधार पर एप्प में मौजूद सन्देश दिखाई देने लगते हैं। यह एप्प बनाने वाले के ऊपर निर्भर करता है कि उस मैचिंग पिक्सेल (तस्वीर) के बदले क्या दिखाना चाहता है। आप चाहें तो आप से जुडी हुई वीडियो भी उसी 2000 रूपये के नोट पर प्ले हो सकती है। अगर आप ऐसा करने को उतावले हैं तो किसी मोबाइल एप्प डेवलपर से संपर्क करें और 2000 रूपये क्या, 10, 20, 50, 100, पुराने 500, पुराने 1000 और नए 2000 के नोट के साथ अपना मनपसंद वीडियो, ऑडियो जोड़ सकते हैं।

कुछ तथ्य:

1. ज़ेरॉक्स किये हुए या नकली 2000 के नोट पर भी पीएम की भाषण को उसी एप्प के माध्यम से सुन सकते हैं

2. आप चाहें तो आप अपना मनपसंद वीडियो भी किसी की प्रकार के नोट पर प्ले करवा सकते हैं

3. 2000 रूपये के नोट की तस्वीर को भी अगर उस एप्प से स्कैन करेंगे तो पीएम का भाषण मिलेगा। लैपटॉप में गूगल खोलें और 2000 रूपये की तस्वीर को स्कैन करके देखें।

4. यह कारनामा सिर्फ 2000 के नोट में ही नहीं बल्कि किसी भी प्रकार के नोट पर संभव है, यहाँ तक कि चूर्ण में फ्री मिलने वाले नोट पर भी संभव है।

5. इस प्रकार की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल न्यूज़पेपर और मैगज़ीन वाले बहुत पहले से करते आ रहे हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया का “Alive” इसका एक उदाहरण है।

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