भृगुधाम संगम में हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाया

गोह से सुनील कुमार बॉबी की रिपोर्ट:

गोह प्रखंड के भृगुधाम में पुनपुन-मदार नदी के संगम में सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाया और पूजा अर्चना के साथ दीपदान कर जीवंत परंपरा का निर्वाह किया। एक पखवाड़े तक चलने वाले इस मेले में श्रद्धालु दूर-दराज से पहुँच कर माँ नककटी भवानी की पूजा-अर्चना की तो वही काफी पुरानी शिवलिंग पर जल चढ़ा कर मेले का आनंद लिया। मेले का मुख्य चीज कचरी, सुधनी के साथ भेड़ के बाल से बना कम्बल आज भी लोगो को आकर्षित किया। नोट बंदी का असर मेले में नही दिखा। लोगो ने खुलकर खरीदारी की। नये नोट नही पुराने नोट दस बीस पचास और एक सौ  से ही खरीदारी की गई। पांच सौ और हजार के नोट दुकानदार लेने से इन्कार करते दिखे।

भृगु मुनि के ऐतिहासिक आश्रम के आकर्षण से बना भृगुधाम मेला में दूर -दूर से दुकानदार अपनी -अपनी दुकान लेकर पहुंचे है । उनके अनुसार इस मेले मे सभी प्रकार की दुकान लगती है परन्तु भेड़ के बाल से निर्मित कंबल इसकी विशेष पहचान है ।

दूसरी ओर यहां से जुड़ी एक रोचक ऐतिहासिक एवं पौराणिक पृष्ठभूमि रही है ।यह स्थल महर्षि भृगु का साधना स्थल रहा है ।मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्रजी का भी आगमन विष्णुपत जाने के क्रम में यहां हुआ था । भृगुधाम को भृगुरारी तथा कलान्तर में दोमुहान और भरारी के नाम से भी जाना जाता है ।

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