महापर्व छठ की शुभकामनाएं


आप सभी दोस्तों,भाइयों एवं छठव्रत्तियों की छठ पूजा की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ..भारतीय संस्कृति में सदा से ही प्रकृति के प्रति असीम श्रद्धा और सम्मान का भाव रहा है। छठ पर्व के पीछे भी वही भावना निहित है, जहाँ हम प्राकृतिक शक्ति के रूप में सूर्य देवता की पूजा एवं उपासना करते हैं। सूर्य से न सिर्फ हमें प्रकाश मिलता है, बल्कि वहीँ से हमें समस्त उर्जा भी प्राप्त होती है, जिससे हमारा जीवन स्पंदित होता है। सच पूछा जाय तो सूरज से ही हमारे जीवन की डोर बंधी है। अतः सूरज भगवान् के प्रति हमारे भीतर अहोभाव का होना स्वाभाविक है।
छठ पर्व का जो सौन्दर्यात्मक पहलू है, वह भी हमें अभिभूत करता है। कोसी भरने और पूजा करते समय नदी अथवा जलाशय के घाट पर जो दीप माला सजाई जाती है, उसकी सुन्दरता निराली होती है। तरह तरह के फलों एवं पकवानों से जब व्रती सूरज देवता को अपना अर्ध्य देते हैं तो यह दृश्य सभी के भीतर उदात्त भावना का संचार कर देता है। पूरी शुचिता एवं अटूट श्रद्धा के साथ लोग छठ व्रत करते हैं। व्रत धारियों की निर्मल भाव दशा तो देखते बनती है।

छठ पर्व सचमुच ही हमारी लोक परंपरा की एक सुन्दरतम एवं मधुरतम अभिव्यक्ति है। छठ पर्व में व्यक्ति, परिवार और समाज सभी की सहभागिता दिखाई देती है। घाट तक जाने वाले रास्तो की साफ सफाई एवं सजावट में युवक लग जाते हैं। छठ पर्व का  टेस्टी ठेकुआ का प्रसाद  पाकर स्वयं को धन्य महसूस करता हूँ। ठेकुआ, नारियल और गन्ने की मिठास आत्मा को तृप्त कर देती है।

मेरी दादी माँ कहानी बता रही थी एक कथा के अनुसार राजा प्रियवद को कोई संतान नहीं थी, तब महर्षि कश्यप ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराकर उनकी पत्नी मालिनी को यज्ञाहुति के लिए बनाई गई खीर दी। इसके प्रभाव से उन्हें पुत्र हुआ परंतु वह मृत पैदा हुआ। प्रियवद पुत्र को लेकर श्मशान गए और पुत्र वियोग में प्राण त्यागने लगे। उसी वक्त भगवान की मानस कन्या देवसेना प्रकट हुई और कहा कि सृष्टि की मूल प्रवृत्ति के छठे अंश से उत्पन्न होने के कारण मैं षष्ठी कहलाती हूं। राजन तुम मेरा पूजन करो तथा और लोगों को भी प्रेरित करो। राजा ने पुत्र इच्छा से देवी षष्ठी का व्रत किया और उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। इसिलिये छठ पूजा यानि सूर्यदेव की पूजा किया जाता है
जय हो मईया…

“दरस देखाव हो दीनानाथ”

“जय छठी मैया”

“केलवा के पात पर उगेलन”

“सूरज देव झाकेँ झूकेँ”

नित्यानंद तांती, सदस्य दाउदनगर.इन

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