मूसलाधार बारिश के कारण गिरे कई मकान

दाऊदनगर तथा आसपास के इलाक़ों में मूसलाधार बारिश के कारण कई सारे माकन गिरे। अभी भी हमारे क्षेत्र में मिट्टी से निर्मित कई सारे मकान दिखाई पड़ते हैं जिसमे ज्यादार 20-25 वर्षों से भी पुराना है। मिट्टी द्वारा निर्मित घरों की देखभाल करने में अच्छा खासा ध्यान देना पड़ता है और समय समय पर मरम्मत का काम (जैसे खपड़ा को बदलना, बाहरी दीवारों पर मिटटी या चुने का लेप लगाना) करना पड़ता है। मिट्टी से बने ऐसे मकानों का ज्यादातर देखभाल इस कारण नहीं हो पाता है कि मकान का मालिक आर्थिक तौर पर मरम्मत कार्य के लिए सक्षम नहीं होता है अथवा मकान कई सालों से बंद पड़ा हुआ है। दोनों ही हालात में इसका खामियाजा पड़ोसियों को भी भुगतना पड़ता है। 

हमारे क्षेत्र में ज्यादातर ऐसा देखा जाता है कि दो मकानों के बीच एक ही दीवार होती है और वही दीवार दोनों मकानों के लिए आधार होता है। इस प्रकार अगर किसी मकान का दीवार गिर जाए तो पड़ोसियों के लिए भी चिंता की बात होती है और कभी कभी यह गंभीर सुरक्षा का विषय भी बन जाता है।

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