Om Prakash – ओम् प्रकाश, दाउदनगर

शुरुवाती दौर से अपने ज़िन्दगी में काफी उतार चढ़ाव देखते हुए जीवन में कई सारी चनौतियोँ का सामना किया। 12 वर्ष की उम्र से जब ओ महज आठवीं कक्षा में पढ़ते थे तो उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। उसके साथ साथ मैट्रिक की परीक्षा देने तक किताब दुकानों में काम किया। इस प्रकार ओ शिक्षा के क्षेत्र से ही जुड़े रह कर चुनौतियों का सामना किया। 

2 जनवरी 1980 को दाउदनगर में जन्मे हुए नेक स्वभाव के इस इंसान ने अपनी शुरुवाती पढाई ठाकुर मध्य विद्यालय से की। वर्ष 1995 में मैट्रिक की परीक्षा उतीर्ण करने के बाद वे ज्ञान सरोवर विद्यालय में शिक्षक के तौर पर बच्चों को पढ़ाना शुरू किया।

अपने जीवन में विभिन्न प्रकार के कार्यों को सिखने में रूचि रखने वाले इस शख्श ने मेडिकल क्षेत्र में भी किस्मत आजमाया और औरंगाबाद में एक मेडिकल में काम सीखना शुरु किया। पढाई से ध्यान हटने तथा  अर्थाभाव के कारण इंटर की परीक्षा वर्ष 1999 में पूरा किया। 

इन सबके बाद आखिर जिस चीज़ की तलाश थी आखिर ओ मिला और इस प्रकार पत्रकारिता क्षेत्र में पहला पड़ाव “राष्ट्रीय नवीन मेल” ने दिया जहाँ उन्होंने ने स्व.जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता, सोहैल साहब, कृष्णबल्लभ प्रसाद सिंह नीलम (ये सब औरंगाबाद जिला की पत्रकारिता में एक अमूल्य धरोहर रह चुके हैं) के सानिध्य में लिखना शुरु किया। 

इसके बाद करीब वर्ष 2000 में दाउदनगर वापस आ कर ज्ञान सरोवर में पुनः पढ़ाना शुरु किया। कुछ वर्षों तक वे राजनितिक पार्टीयों से भी जुड़े हुए रहे मगर राजनीति में खास रुचि ना रहने के कारण राजनितिक को त्याग कर अखबार से जुड़े फिर 2007-08 से लगातार प्रभात खबर के लिए पत्रकारिता करते रहे।

इसके अलावा वे कई वर्षों से साक्षरता अभियान से भी जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि जब भी रिपोर्टिंग करने कहीं नहीं जाना होता है तो लोंगो से उनकी अपील होती है कि निरक्षरों को साक्षरता केंद्रों तक अवश्य भेंजे।

One comment on “Om Prakash – ओम् प्रकाश, दाउदनगर
  1. बसंत कुमार says:

    ओमप्रकाश जी एक उदाहरण है समाज का ।मेरे सहपाठी व सबसे नजदीकी दोस्त ओमप्रकाश जी को आपने उनके ब्यक्तित्व के लिये सम्मान दिया मैं आभार ब्यक्त करता हूँ ।

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