सोच बदलें, बचेंगी बेटियां

Beti Bachao Beti Padhao Edited

दाउदनगर (अनुमंडल) : प्रभात खबर के ‘बेटी बचाओ’ अभियान काफी सराहनीय खबर है. बेटी को बचाने में माता-पिता दोनों की समान जवाबदेही होनी चाहिए. ये बातें चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ वसीम रजा ने पुराना शहर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-131 पर ‘बेटी बचाओ’ अभियान के मद्देनजर एक कार्यक्रम में कहीं. उन्होंने कहा कि इस सोच को बदलें कि सिर्फ बेटे से ही वंश चलता है.

यदि बेटी नहीं होती, तो सृष्टि कैसे चलता. अपनी सोच को बदलेंगे, तो बेटियां बचेंगी. स्वास्थ्य प्रबंधक शैलेश कुमार ने कहा कि यह सोचने की बात है कि आखिर इस अभियान की आवश्यकता क्यों पड़ी. जनसंख्या अनुपात लगातार घटता जा रहा है. 1000 लड़कों पर 920 लड़की का अनुपात है. आप सोचे कि घर में बेटी नहीं हो, तो कन्यादान का सौभाग्य कैसे प्राप्त करेंगे. यदि बेटी घर में न रहे, तो घर सूना-सूना लगता है.

नारी ममता की पहचान है. उन्होंने कहा कि यदि कोई अल्ट्रासाउंड केंद्र भ्रूण जांच कर रहा है, तो इसकी गोपनीय सूचना दें, कार्रवाई होगी. साक्षर भारत मिशन के प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक संजय कुमार सिंह ने कहा कि बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं है. आज हर क्षेत्र में बेटियां आगे हैं. भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है. बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षिका रेखा कुमारी ने कहा कि बेटियां ही हमारा भविष्य है. बेटी को बचाने के लिए जागरूक हों.

ठाकुर मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रवींद्र नाथ टैगोर ने कहा कि बेटी बचेगी, तभी समाज बचेगा. वार्ड पार्षद बसंत कुमार ने कहा कि महिलाओं को जागरूक करने की जवाबदेही पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की समान रूप से है. इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन इन्हीं अतिथियों द्वारा दीप जला कर किया गया. कार्यक्रम की देखरेख प्रभात खबर के स्थानीय प्रतिनिधि ने की. इस मौके पर सेविका सुनैना देवी व सहायिका शकीला खातून समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे. परिचर्चा के दौरान उपस्थित महिलाओं ने भी खुल कर अपने विचार व्यक्त किये. पिंकी देवी ने कहा कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों में भ्रूण जांच रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

News Source: http://www.prabhatkhabar.com/news/aurangabad/story/833120.html

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